गीता का सार और आज का जीवन
गीता सिखाती है कर्म, समता और साहस। परिणाम छोड़ो, सही काम पूरे मन से करो। स्वधर्म निभाओ, भय नहीं, धैर्य […]
इस श्रेणी में भगवान, देवता और धार्मिक प्रेरक कहानियों पर आधारित लेख होंगे। ये लेख सकारात्मक ऊर्जा, भक्ति भाव और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देंगे।
गीता सिखाती है कर्म, समता और साहस। परिणाम छोड़ो, सही काम पूरे मन से करो। स्वधर्म निभाओ, भय नहीं, धैर्य […]
भगवान तक पहुँचने के पाँच सरल मार्ग हैं: भक्ति, सेवा, ध्यान, सत्संग और सत्य कर्म। इनसे भीतर प्रकाश जगता है,
क्या भगवान हमारे भीतर बसते हैं? हाँ, वे हर अच्छे विचार में हैं, हर करुणा और सच्चाई की धड़कन में।
कहाँ है परमात्मा—मंदिर या मन? मंदिर याद दिलाता है, मन अनुभव कराता है। जब मन शांत, करुणामय और सच्चा होता
गरुड़-विहारी विष्णु, देववाहन गरुड़ संग आकाश में उड़ते हैं और समुद्र-मंथन, अमृत-रक्षा, भक्त-रक्षा की अद्भुत कथाएँ रचते हैं। इन कहानियों
शिव में अघोर से करुणा तक, निर्भीकता और मधुरता, दोनों साथ धड़कते हैं। यही समत्व सृष्टि का संतुलन है। हम
इस कुरुक्षेत्र की धूल में सारथी कृष्ण मुस्कुराते हैं। वे अर्जुन के मन का अँधेरा हटाते हैं। एक वाणी से
प्रभु के नाम का स्मरण मन को कोमल सहारा देता। चिंता घटती, धैर्य बढ़ता, ध्यान टिकता। हर उच्चारण जैसे भीतर
भक्ति और ज्ञान, दोनों दीपक हैं। भक्ति दिल को साफ करती है। ज्ञान सोच को स्पष्ट करता है। सही मार्ग
शांत बैठें, धीमी साँस लें। ध्यान को हृदय पर टिकाएँ। मन में कृतज्ञता जगाएँ। एक सरल मंत्र दोहराएँ, और मौन