समुद्र मंथन में विष्णु की लीला अद्भुत थी। कूर्म रूप लेकर उन्होंने पर्वत को थाम लिया, और सबको धैर्य व संतुलन का पाठ दिया।
मोहिनी रूप से अमृत का वितरण हुआ, देव-असुरों में सहयोग जागा। संदेश साफ है: मिलकर, धैर्य से, कठिनाई सधती है— आत्मविश्वास रखो, प्रयास करते रहो।