त्रिशूल संतुलन का चिन्ह है: ज्ञान, कर्म और भक्ति। डमरू सृजन, रक्षा और लय का नाद जगाता। भस्म नश्वरता याद दिलाकर अहंकार मिटाती।
ये प्रतीक हमें भीतर सजगता, साहस और करुणा देते। संघर्ष में स्थिर रहो, ताल में चलते रहो। आज से खुद को निखारो; प्रकाश बनो, राह दिखाओ।