गोवर्धन लीला सिखाती है: प्रकृति हमारा रक्षक। पहाड़, वृक्ष, पशु मिलकर जीवन संभालते हैं। अहं छोड़ो, प्रकृति संग तालमेल बनाओ।
संकट में साथ दें, पर्यावरण मुस्कुराएगा। कम लो, ज्यादा लौटाओ; यही सच्ची पूजा। आज संकल्प लें: वृक्ष लगाएँ, जल बचाएँ!
गोवर्धन लीला सिखाती है: प्रकृति हमारा रक्षक। पहाड़, वृक्ष, पशु मिलकर जीवन संभालते हैं। अहं छोड़ो, प्रकृति संग तालमेल बनाओ।
संकट में साथ दें, पर्यावरण मुस्कुराएगा। कम लो, ज्यादा लौटाओ; यही सच्ची पूजा। आज संकल्प लें: वृक्ष लगाएँ, जल बचाएँ!