क्षीरसागर में विष्णु अनंत शयन करते हैं. शेषनाग की शैया, लक्ष्मी की सेवा. मंद लहरें, शांति, सृष्टि का संतुलन.
कथा कहती है: ठहराव में सृजन है. मन शांत रखो, करुणा और धैर्य चुनो. डगमगाओ तो क्षीरसागर याद करो; शांत रहो, आगे बढ़ो.
क्षीरसागर में विष्णु अनंत शयन करते हैं. शेषनाग की शैया, लक्ष्मी की सेवा. मंद लहरें, शांति, सृष्टि का संतुलन.
कथा कहती है: ठहराव में सृजन है. मन शांत रखो, करुणा और धैर्य चुनो. डगमगाओ तो क्षीरसागर याद करो; शांत रहो, आगे बढ़ो.