सुबह भगवान को प्रणाम, मन शांत। फिर रोज़मर्रा की छोटी यात्राएँ शुरू होती हैं। रसोई, बस स्टॉप, दफ्तर, और लौटती हँसी।
हर मोड़ पर वही सुकून, जैसे साथ चल रहा हो। बड़ी यात्राओं में भी वही हल्की रोशनी मिलती है। विश्वास रखो, मन उजाला करो, कदम बढ़ाओ, जीत जरूर मिलेगी!