सत्यानारायण कथा लोकश्रद्धा का सरल उत्सव है। गाँव-शहर लोग मिलकर सत्य की महिमा सुनते हैं। प्रसाद, भजन, साझा हर्ष से मन शांत होता है।
यह कथा जीवन-संस्कारों को सरल ढंग से जगाती है। सत्य, सेवा और कृतज्ञता से परिवार जुड़ते हैं। संदेश: रोज छोटे सत्कर्म करें, ईश्वर पर भरोसा रखें।