कृष्ण राजनय के उस्ताद थे। वे संवाद से संकट हल करते। उनकी नीति थी: सत्य, समय, समाधान।
कुरुक्षेत्र से पहले भी वे शांति के दूत बने। साहस, करुणा और चतुराई से राह निकाली। सीख: बुद्धि से बोलो, समय पर कदम उठाओ; जीत निश्चित।
कृष्ण राजनय के उस्ताद थे। वे संवाद से संकट हल करते। उनकी नीति थी: सत्य, समय, समाधान।
कुरुक्षेत्र से पहले भी वे शांति के दूत बने। साहस, करुणा और चतुराई से राह निकाली। सीख: बुद्धि से बोलो, समय पर कदम उठाओ; जीत निश्चित।