प्रभु की भक्ति में संगीत की भूमिका

भक्ति में संगीत मन को शीतल करता है। स्वर और ताल से आत्मा खिल उठती है। मधुर भजन में प्रभु का सान्निध्य मिलता है।

संगीत प्रार्थना को सरल, सजीव और गहरा बनाता है। गाते-गाते अहं घटता है, प्रेम बढ़ता है। आज से रोज गाओ, मन जगाओ, प्रभु से जुड़ो!

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