गरुड़-विहारी विष्णु, देववाहन गरुड़ संग आकाश में उड़ते हैं और समुद्र-मंथन, अमृत-रक्षा, भक्त-रक्षा की अद्भुत कथाएँ रचते हैं।
इन कहानियों में साहस, सेवा और संतुलन की सीख मिलती है। जब मन डरे, स्मरण करें: धैर्य रखो, करुणा चुनो, और विश्वास के पंखों से हर कठिनाई पार करो।