प्रार्थना मन को शांत करती है। यह डर हटाती है, आशा जगाती है। धीरे-धीरे भीतर का प्रकाश खुलता है। हम खुद से, भगवान से जुड़ते हैं।
कला है सादगी व कृतज्ञता। सांस पर ध्यान, सच्चा भाव, सेवा। हर दिन दो मिनट, दिल से बोलें। आज शुरुआत करें; ईश्वर पास हैं!
प्रार्थना मन को शांत करती है। यह डर हटाती है, आशा जगाती है। धीरे-धीरे भीतर का प्रकाश खुलता है। हम खुद से, भगवान से जुड़ते हैं।
कला है सादगी व कृतज्ञता। सांस पर ध्यान, सच्चा भाव, सेवा। हर दिन दो मिनट, दिल से बोलें। आज शुरुआत करें; ईश्वर पास हैं!