तांडव का विनाश, सृष्टि की धड़कन बना। डमरु की गूँज ने समय को मोड़ा। तीसरी आँख की ज्वाला ने अहंकार गलाया।
कथा कहती है: टूटना नहीं, रूपांतरण की शुरुआत। भीतर करुणा जागे तो सृजन खिले। संदेश: हर तूफान को नृत्य बनाओ, गिरावट को उड़ान।
तांडव का विनाश, सृष्टि की धड़कन बना। डमरु की गूँज ने समय को मोड़ा। तीसरी आँख की ज्वाला ने अहंकार गलाया।
कथा कहती है: टूटना नहीं, रूपांतरण की शुरुआत। भीतर करुणा जागे तो सृजन खिले। संदेश: हर तूफान को नृत्य बनाओ, गिरावट को उड़ान।