सुदामा और कृष्ण बचपन के सखा थे. सुदामा निर्धन थे, पर दिल धनवान. कृष्ण ने उन्हें सम्मान और स्नेह से अपनाया.
उनकी दोस्ती बताती है कि प्रेम सबसे बड़ा पुण्य है. साझा दर्द कम होता है, खुशी बढ़ती है. संदेश: सच्ची मित्रता ही जीवन की सच्ची समृद्धि है.
सुदामा और कृष्ण बचपन के सखा थे. सुदामा निर्धन थे, पर दिल धनवान. कृष्ण ने उन्हें सम्मान और स्नेह से अपनाया.
उनकी दोस्ती बताती है कि प्रेम सबसे बड़ा पुण्य है. साझा दर्द कम होता है, खुशी बढ़ती है. संदेश: सच्ची मित्रता ही जीवन की सच्ची समृद्धि है.