संकल्प और समर्पण से भगवान करीब लगते हैं। शांत मन, सच्चे कर्म; सांसें भी पूजा। सेवा, मुस्कान, कृतज्ञता में दिव्यता झलके।
आज से छोटा संकल्प लें, रोज साधना करें। प्रेम से कर्म करें, हार न मानें। डटे रहो; भीतर की रोशनी मार्ग दिखाएगी।
संकल्प और समर्पण से भगवान करीब लगते हैं। शांत मन, सच्चे कर्म; सांसें भी पूजा। सेवा, मुस्कान, कृतज्ञता में दिव्यता झलके।
आज से छोटा संकल्प लें, रोज साधना करें। प्रेम से कर्म करें, हार न मानें। डटे रहो; भीतर की रोशनी मार्ग दिखाएगी।