विज्ञान कहता है, प्रार्थना ध्यान जैसी है। यह मन को शांत करती, तनाव घटाती। दिल‑दिमाग का फोकस और संतुलन बढ़ता।
शोध दिखाते हैं, आशा और सम्बन्ध मजबूत होते। नियमित प्रार्थना, छोटे‑छोटे क्षणों में कृतज्ञता जगाती। आज से शुरू करें—हर दिन दो मिनट, मन उजाला बढ़ाएँ!