लक्ष्मी नारायण जीवन का संतुलन सिखाते हैं। लक्ष्मी देती है संसाधन, नारायण दिखाते हैं धर्म का मार्ग। समृद्धि तब खिलती है, जब वह सेवा से जुड़ती है।
नीति, करुणा और कर्तव्य को रोज़ की कमाई में पिरोएं। लोभ नहीं, लोक-कल्याण लक्ष्य बने। आज से समृद्धि को सदाचार से जोड़ें—सच्ची विजय।