राधा-कृष्ण का अमर प्रेम, बचपन की दिव्य लीला, मुरली की मधुर धुन, मन में गहरा भरोसा, हृदय में स्नेहिल प्रकाश।
मनोविज्ञान कहता है: निष्कपट लगाव, करुणा, सहानुभूति, सीखो धैर्य, संतुलन, विश्वास। हर दिन प्रेम चुनो; शांत रहो। आज मुस्कान बाँटो, उम्मीद जगाओ।
राधा-कृष्ण का अमर प्रेम, बचपन की दिव्य लीला, मुरली की मधुर धुन, मन में गहरा भरोसा, हृदय में स्नेहिल प्रकाश।
मनोविज्ञान कहता है: निष्कपट लगाव, करुणा, सहानुभूति, सीखो धैर्य, संतुलन, विश्वास। हर दिन प्रेम चुनो; शांत रहो। आज मुस्कान बाँटो, उम्मीद जगाओ।