बच्चों से कहें, भगवान प्रेम और दया हैं। कहानियाँ सुनाएँ, प्रकृति दिखाएँ, रोज़ धन्यवाद सिखाएँ। प्रश्नों का धैर्य से, मुस्कान के साथ उत्तर दें।
अच्छे कामों में ईश्वर का अनुभव कराएँ—मदद, साझा, सम्मान। कहें, हम जब अच्छा करते हैं, भगवान मुस्कुराते हैं। आओ, रोज़ थोड़ी नेकी करें—यही सच्ची पूजा है!