प्रेम और करुणा से मन निर्मल होता है। यही भाव भगवान तक का पुल बनते हैं। जहाँ स्वार्थ मिटे, वहाँ प्रकाश जन्म लेता है।
हर दिन छोटे-छोटे उपकार करें। किसी की पीड़ा सुनें, मुस्कान बाँटें। याद रखें, दया का हर कण आपको परमात्मा के करीब लाता है।
प्रेम और करुणा से मन निर्मल होता है। यही भाव भगवान तक का पुल बनते हैं। जहाँ स्वार्थ मिटे, वहाँ प्रकाश जन्म लेता है।
हर दिन छोटे-छोटे उपकार करें। किसी की पीड़ा सुनें, मुस्कान बाँटें। याद रखें, दया का हर कण आपको परमात्मा के करीब लाता है।