प्रभु के दर्शन का अर्थ है भीतर झांकना। मन शांत हो, सांस सजग हो, कदम करुणामय। हर क्षण में प्रेम पहचानना ही सरल ज्ञान।
दर्शनशास्त्र कहता है: प्रश्न करो, भय छोड़ो। सेवा, सत्य, समता—यही मार्ग, यही साधना। उठो, मुस्कुराओ, और अपने प्रकाश से दुनिया सजाओ!
प्रभु के दर्शन का अर्थ है भीतर झांकना। मन शांत हो, सांस सजग हो, कदम करुणामय। हर क्षण में प्रेम पहचानना ही सरल ज्ञान।
दर्शनशास्त्र कहता है: प्रश्न करो, भय छोड़ो। सेवा, सत्य, समता—यही मार्ग, यही साधना। उठो, मुस्कुराओ, और अपने प्रकाश से दुनिया सजाओ!