प्रभु हमें अंतरात्मा की आवाज सुनना सिखाते हैं। नैतिकता कहती है, सच और करुणा चुनो। निर्णय से पहले मन शांत करो। तथ्यों को देखो, परिणाम सोचो।
स्वार्थ घटाओ, सेवा बढ़ाओ। गलतियाँ हों तो सीखो, सुधारो। हर दिन छोटा सही काम करो। विश्वास रखो, नैतिक बनो, आगे बढ़ो!