सुबह की हवा में ईश्वर की फुसफुसाहट है। पत्तों की सरसराहट, नदी की धुन, उनका स्पर्श। हर कली में मुस्कान, हर किरण में करुणा।
देखें तो मन शांत होता है, उम्मीद बढ़ती है। प्रकृति को सहेजें, वही पूजा, वही आभार। आज से हर दृश्य में ईश्वर देखें, जीवन उजाला बनाएं।