सुबह खुली हवा में साँस लें। पत्तों की सरसराहट सुनें। सूरज की गर्मी को गले लगाएँ। मिट्टी की खुशबू को चिन्ह मानें।
हर दृश्य में प्रेम खोजें। कृतज्ञता से धीमे चलें। मन शांत करें, मुस्कुराएँ। संदेश: प्रकृति को अपनाएँ, ईश्वर को अपनाएँ।
सुबह खुली हवा में साँस लें। पत्तों की सरसराहट सुनें। सूरज की गर्मी को गले लगाएँ। मिट्टी की खुशबू को चिन्ह मानें।
हर दृश्य में प्रेम खोजें। कृतज्ञता से धीमे चलें। मन शांत करें, मुस्कुराएँ। संदेश: प्रकृति को अपनाएँ, ईश्वर को अपनाएँ।