शांत बैठें, श्वास को देखें, मन ढीला छोड़ें। हृदय में प्रकाश की कल्पना करें। हर सांस में करुणा, कृतज्ञता, प्रेम भरें।
विचार आएं तो मुस्कुराकर उन्हें विदा दें। अंतर की मौन ध्वनि में भगवान झलकेगा। आज ही शुरू करें, छोटा कदम, गहरी अनुभूति!
शांत बैठें, श्वास को देखें, मन ढीला छोड़ें। हृदय में प्रकाश की कल्पना करें। हर सांस में करुणा, कृतज्ञता, प्रेम भरें।
विचार आएं तो मुस्कुराकर उन्हें विदा दें। अंतर की मौन ध्वनि में भगवान झलकेगा। आज ही शुरू करें, छोटा कदम, गहरी अनुभूति!