वृंदावन में इंद्र की वर्षा थी। ग्वाल-बाल, गायें घबराईं। कृष्ण ने अद्भुत गोवर्धन उठाया। सबको सुरक्षित आश्रय मिला।
इंद्र का अहं शांत हुआ। भक्ति, साहस और एकता जीती। छोटी उंगली में बड़ा भरोसा। संकट में धैर्य रखो, मिलकर आसरा बनाओ।
वृंदावन में इंद्र की वर्षा थी। ग्वाल-बाल, गायें घबराईं। कृष्ण ने अद्भुत गोवर्धन उठाया। सबको सुरक्षित आश्रय मिला।
इंद्र का अहं शांत हुआ। भक्ति, साहस और एकता जीती। छोटी उंगली में बड़ा भरोसा। संकट में धैर्य रखो, मिलकर आसरा बनाओ।