क्या भगवान संयोग हैं या नियति? शायद दोनों का संगम हैं। हमारे कर्म, विचार और प्रेम, राह बनाते हैं।
जब मन सच्चा हो, ब्रह्मांड साथ देता है। हर मोड़ सीख है, हर देरी तैयारी। उठो, मुस्कुराओ, कदम बढ़ाओ—तुम्हारी रोशनी रास्ता बना देगी।
क्या भगवान संयोग हैं या नियति? शायद दोनों का संगम हैं। हमारे कर्म, विचार और प्रेम, राह बनाते हैं।
जब मन सच्चा हो, ब्रह्मांड साथ देता है। हर मोड़ सीख है, हर देरी तैयारी। उठो, मुस्कुराओ, कदम बढ़ाओ—तुम्हारी रोशनी रास्ता बना देगी।