क्या ईश्वर भाग्य लिखते हैं या हम?

क्या भाग्य ईश्वर लिखते हैं, या हम? शायद दोनों मिलकर कहानी बनाते हैं। ईश्वर अवसर देता, हम कदम बढ़ाते।

विश्वास दिशा है, कर्म उसका रास्ता। छोटे निर्णय रोज़ मिलकर भाग्य गढ़ते हैं। आज पहला कदम उठाइए, भविष्य मुस्कुराएगा!

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