कृष्ण भक्ति की धारा और मीरा का मार्ग

कृष्ण भक्ति की धारा मन को नरम बनाती है, हर पल में संगीत, करुणा और साहस भरती है। मुरली की तान से भय पिघलता, हृदय मुस्काता है।

मीरा का मार्ग सरल समर्पण का पथ है, कांटे भी चंदन बनकर राह सजाते हैं। अपने भीतर के कृष्ण को जगाओ, आगे बढ़ो!

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