कृष्ण की बाँसुरी का रहस्य है सरल सुर। यही सुर मन की उलझनें खोलता है। श्वास जैसी नरम धुन, भीतर सन्नाटा जगाती है।
धीमे बजो, धीरे सोचो। दिल पर भरोसा रखो। हर दिन एक पल मौन सुनो— तुममें शांति का वृंदावन खिल उठे।
कृष्ण की बाँसुरी का रहस्य है सरल सुर। यही सुर मन की उलझनें खोलता है। श्वास जैसी नरम धुन, भीतर सन्नाटा जगाती है।
धीमे बजो, धीरे सोचो। दिल पर भरोसा रखो। हर दिन एक पल मौन सुनो— तुममें शांति का वृंदावन खिल उठे।