कृष्ण और राम, विष्णु के दिव्य स्वरूप हैं। कृष्ण प्रेम, करुणा, मस्ती और लीला सिखाते। राम मर्यादा, साहस, सत्य और संतुलन जगाते।
दोनों मिलकर धर्म को जीवन में सरल बनाते। उनकी कथाएँ साधारण में असाधारण अर्थ जगाती हैं। आज संकल्प लें: प्रेम, सत्य, सेवा अपनाएँ; भीतर की ज्योति जगाएँ।