वृंदावन की कथा है। कृष्ण ने कालिय पर नृत्य किया। रहस्य: भीतर के विष, भय और अहंकार को जीतना।
श्वास स्थिर, मन उज्ज्वल रहे। धैर्य और करुणा से जल सा स्वच्छ बनें। उठो, साहस रखो, भीतर के विष को प्रेम से जीत लो!
वृंदावन की कथा है। कृष्ण ने कालिय पर नृत्य किया। रहस्य: भीतर के विष, भय और अहंकार को जीतना।
श्वास स्थिर, मन उज्ज्वल रहे। धैर्य और करुणा से जल सा स्वच्छ बनें। उठो, साहस रखो, भीतर के विष को प्रेम से जीत लो!