ईश्वर की खोज अंतर्मन से शुरू होती है। श्वास पर ध्यान दें, मन को शांत करें। प्रतिदिन तीन कृतज्ञताएँ लिखें।
अपने गुण पहचानें, गलतियों से सीखें। दूसरों की सेवा करें, प्रकृति से जुड़ें। आज से छोटा कदम लें—ईश्वर पास हैं; आगे बढ़ते रहें!
ईश्वर की खोज अंतर्मन से शुरू होती है। श्वास पर ध्यान दें, मन को शांत करें। प्रतिदिन तीन कृतज्ञताएँ लिखें।
अपने गुण पहचानें, गलतियों से सीखें। दूसरों की सेवा करें, प्रकृति से जुड़ें। आज से छोटा कदम लें—ईश्वर पास हैं; आगे बढ़ते रहें!